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लेखनी कहानी -22-Jan-2026

दिखावे की मोहब्बत हम अदाकारी नहीं करते। वतन के हम सिपाही हैं,गद्दारी नहीं करते।

अदब के नाम पर जो बे अदब हरसिम्त मिलते हैं। कभी हम ऐसे लोगों की तरफदारी नहीं करते।

यहां इंसानियत की सीख देते हैं सभी मज़हब। मजहबी लोग जो होते हैं मक्कारी नहीं करते ।

इसी मिट्टी में मिल जाएंगे एक दिन अज्म है मेरा । कभी भी हम दिखावे की वफादारी नहीं करते।

सगीर कोई कहां समझे गा हाले दिल हमारा अब। ख़ुलूस ए दिल से मिलते हैं हम फनकारी नहीं करते।

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